बेलगाम होकर रह गयी सरकारी शिक्षा, खंड शिक्षा अधिकारी ने एक ही बात रट रखी !


LEKHRAM MAURYA 06/11/2018 09:51:04 92 Views

Unbridled government education

 

अध्यापकों को नही पता किस पूर्व पीएम की जयंती चार साल मे एक बार मनाई जाती

महिलाबाद। सरकार, न्यायालय के आदेश का पालन तो नहीं कर रही पर सरकारी स्कूलों को कानवेंट स्कूलों से बराबरी करने का ऐलान अवश्य कर दिया परन्तु यह नहीं देखा कि सरकारी स्कूलों के अध्यापकों को राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री का नाम तक नहीं पता जिसकी जयन्ती चार साल बाद मनाई जाती है।

कोई भी ऐसा सरकारी स्कूल नही जहाॅ सभी अध्यापक उपस्थित मिलें

सरकार कितने भी नियम कानून बनाये पर सरकारी स्कूलों के अध्यापक हैं कि सुधरने का नाम ही नही ले रहे। एक ओर उच्च न्यायालय का आदेश है कि नेताओं और नौकरशाहों के बच्चे भी सरकारी स्कूलों मे पढे़। इसके लिए न्यायालय ने सरकार को कानून बनाकर आदेश का पालन करने को कहा था। इस आदेश का पालन तो नहीं हुआ परन्तु सरकार ने सरकारी स्कलों को ही अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों की तर्ज पर शुरू करने का जून मे ऐलान कर दिया। प्रत्येक विकास के पाॅच प्राथमिक विद्यालयों को कान्वेन्ट जैसी सुविधाएं और अध्यापक उपलब्ध कराने का आदेश जारी कर दिया गया परन्तु चार माह बाद ऐसे स्कूलों को न अध्यापक मिले और न ही पूरी किताबें मिल पायी हैं। एक दो फीसदी विद्यालयों को छोड़ दे तो राजधानी के ग्रामीण क्षेत्र के सरकारी स्कूलों मे एक भी ऐसा दिन नही होगा जब स्कूल मे सभी अध्यापक उपस्थित रहते हों। यही नही 9 बजे लगने वाले स्कूल मे अध्यापक हमेशा देर से ही पहुॅचते हैं और 3 बजे बंद होने वाले स्कूलों मे से 70 फीसदी स्कूल समय से पहले बंद हो जाते हैं। इनमे से कुछ अध्यापक तो ऐसे हैं जो एक दो बजे ही स्कूल बंद कर घर चले जाते हैं।

अध्यापकों की मर्जी पर खुलते बंद होते हैं सरकारी स्कूल, कोई नियम नहीं

न्यूजटाइम्स ने सरकारी स्कूलों की स्थिति जानने के लिए सोमवार को कुछ स्कूलों का जायजा लिया तो प्राथमिक विद्यालय बड़ी गढ़ी 12 बजे बंद मिला। वहाॅ मौजूद आंगनबाड़ी कार्यकर्ती ने बताया कि शिक्षा मित्र राजकुमारी आयी थी जो बंद करके घर चली गयीं। स्कूल मे कोई भी बच्चा मौजूद नहीं था। शेरपुर भौसा के अध्यापक भी दो बजे विद्यालय बंद कर गायब हो गये। प्राथमिक विद्यालय बख्त्यार नगर मे यहाॅ 136 छात्रों को पढ़ाने के लिए 3 अध्यापक व दो शिक्षा मित्र तैनात हैं परन्तु मौके पर दो अध्यापक व एक शिक्षा मित्र उपस्थित थे। प्रधानाध्यापिका वंदना तिवारी व राजलक्ष्मी दीवाली पर घर को कैसे सजाना है इसकी तैयारी करा रही थी। इसी गांव के पूर्व माध्यमिक विद्यालय की अध्यापिका विभा देवी और अफशा फात्मा बच्चों की कुल पंजीकृत संख्या तक नहीं बता सकी। 

यहाँ प्रधानाध्यापिका चन्द्र किरन वर्मा उपस्थित नहीं थी। उपस्थित छात्र एवं छात्राएं 17 का पहाड़ा नहीं सुना सके। यहाॅ के छात्र एवं छात्राओं के साथ-साथ अध्यापिकाएं उस प्रधानमंत्री का नाम नही बता सकी जिसकी जयन्ती चौथे वर्ष मनाई जाती है। यही नहीं दर्जनों विद्यालयों के अध्यापक भी इसका जवाब नहीं दे सके। प्राथमिक विद्यालय दुलारमऊ मे 60 छात्रों मे से 15 उपस्थित थे। यहाॅ एक अध्यापक और तीन शिक्षा मित्रों की तैनाती है। प्रधानाध्यापिका याशमीन और शिक्षामित्र नाजमा मौजूद थी दो शिक्षा मित्र नदारद थे जिनको छुट्टी पर बताया परन्तु छुट्टी का कोई प्रार्थना पत्र नहीं दिखाया। यहाॅ के बच्चे राष्ट्रपति का नाम नही बता सके और कक्षा 5 के छात्र 20 तक पहाड़ा नही सुना सके। अध्यापिका भी पूर्व प्रधानमंत्री का नाम नही बता सकी। इसी तरह प्राथमिक विद्यालय कुंडरा कला मे 96 छात्रों मे से 27 उपस्थित थे। यहाॅ दो अध्यापक दो शिक्षा मित्र तैनात हैं उनमे से शिक्षामित्र विजय कुमार और मो फाजिल मौजूद थे। यहाॅ अध्यापक बांस की छड़ी लेकर पढ़ाते हैं। इसके बावजूद बच्चे मैदान मे गिट्टी का खेल खेल रहे थे।

प्राथमिक विद्यालय सुभाष नगर में दो शिक्षामित्र और एक अध्यापिका अर्सी तैनात हैं। यहाॅ 50 छात्र पंजीकृत हैं। जिसमे से कुछ दूसरे स्कूलों के बताये जाते हैं। यहाॅ कभी भी 30 से अधिक बच्चे स्कूल नहीं आते हैं। अध्यापिका का हाल तो पूॅछिये मत क्योंकि वह पिछले करीब 6 साल से यहाॅ तैनात हैं। उनके पति तारिक जालामऊ मे तैनात हैं। कई बार की शिकायतों के बावजूद यहाॅ कोई अधिकारी जाॅच करने नहीं आता। शिक्षा मित्र श्रीकेशन अर्सी जहाॅ की पैरवी करता रहता है। वह साल मे एक महीने भी स्कूल नहीं आती हैं फिर भी शिक्षा विभाग उन पर इतना मेहरबान है कि उनके खिलाफ आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। खण्ड शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार मिश्रा हमेशा वही रटा रटाया जवाब देते हैं कि देखवालेगें। वैसे ऐसा वहाॅ हो नहीं रहा है। फिर भी जाॅच करा लेगें।

Unbridled government education

Web Title: Unbridled government education ( Hindi News From Newstimes)


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